Semi-Conductor Laboratory (SCL) का विस्तार — भारत की चिप-मेकिंग में सबसे बड़ा कदम

भारत सरकार ने देश के सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए ₹4,500 करोड़ निवेश करके SCL (Semi-Conductor Laboratory) को आधुनिक बनाने की योजना शुरू की है। यह भारत के “Make in India Chip Mission” का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।




🔍 SCL क्या है?

यह भारत का सरकारी सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र है।

मोहाली (Punjab) में स्थित है।

इस लैब का इस्तेमाल ISRO, DRDO और भारत के कई रक्षा/स्पेस मिशनों के लिए चिप्स बनाने में होता है।


🚀 सरकार क्या-क्या अपग्रेड कर रही है?

सरकार SCL में बड़े स्तर पर सुधार करने जा रही है:

1️⃣ पुरानी मशीनों को बदलकर नई Ultra-Modern Machines लगेंगी

जिससे चिप बनाना तेज, सस्ता और उच्च गुणवत्ता वाला होगा।


2️⃣ 180nm टेक्नोलॉजी से आगे बढ़कर नई Generation की Chips

अभी SCL केवल 180nm चिप्स बनाती है।

लेकिन अपग्रेड के बाद 65nm या उससे बेहतर चिप बनाने की क्षमता विकसित होगी।


3️⃣भारत के “Domestic Chip Manufacturing” को बढ़ावा मिलना

अब कई सरकारी विभागों और भारतीय स्टार्टअप्स को चिप्स के लिए विदेश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


🇮🇳 भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

✔ 1. देश में बनेगी स्वदेशी Technology

AI, Defence, Space और Smartphones के लिए जरूरी चिप्स अब भारत में बनने लगेंगी।


✔ 2. चीन और ताइवान पर निर्भरता कम होगी

वैश्विक संकट या सप्लाई चेन टूटने पर भी भारत के पास अपनी स्वतंत्र क्षमता होगी।


✔ 3. भारत Global Chip Market में उतरेगा

आने वाले वर्षों में भारत एशिया का बड़ा चिप हब बन सकता है।


✔ 4. युवाओं को मिलेगी High-Tech Jobs

सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, fabrication, testing, robotics, AI आदि में नौकरी के नए अवसर।




सरकार की बड़ी सोच क्या है?

•भारत को 2027-2030 तक Top–5 Semiconductor hubs में शामिल करना।

•रक्षा और स्पेस प्रोजेक्ट्स के लिए 100% Made-in-India चिप्स उपलब्ध कराना।

•भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और AI हार्डवेयर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना

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