भारत में 6G — अब तक की स्थिति और क्या हो रहा है
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Bharat 6G Vision के अंतर्गत सरकार ने 6G-नेटवर्क के लिए रोडमैप तय किया है। 2025 में जारी उत्तर में बताया गया कि भारत 2030 तक 6G में विश्व नेतृत्व चाहता है।
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इसके लिए देश में कई R&D प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है — भारत अब 6G पेटेंट फाइलिंग में दुनिया के शीर्ष 6 देशों में शामिल है।
सरकार ने यह लक्ष्य रखा है कि 2030 तक भारत का हिस्सा हो 10% से अधिक 6G पेटेंट्स का।
🚀 टेक्नोलॉजी, नवाचार और नेटवर्क तैयारी
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6G टेक्नोलॉजी में केवल नेटवर्क स्पीड ही नहीं बल्कि Artificial Intelligence (AI)-नेटवर्क, terahertz / उच्च-frequency bandas, सेक्योरिटी, सेन्सिंग, ओपन नेटवर्क (Open RAN) जैसे आधुनिक नेटवर्क मॉडल शामिल होंगे।
एक प्रमुख प्रदाता, Ericsson, ने घोषणा की है कि वह भारत में 6G उपकरणों का निर्माण करने की योजना बना रही है — मतलब “मेड इन इंडिया” 6G नेटवर्क gear तैयार किया जाएगा।
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लेकिन व्यावसायिक (commercial) 6G rollout अभी कुछ समय दूर है — Ericsson के अनुसार शुरुआती 6G ट्रायल संभवतः 2028 में शुरू हो सकते हैं।
📅 2025 में क्या नया हुआ है
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अक्टूबर 2025 में, India Mobile Congress 2025 (IMC 2025) और International Bharat6G Symposium 2025 आयोजित हुआ — जिसमें सरकार, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने मिलकर 6G नेटवर्क, AI-नेटवर्क, स्पेक्ट्रम नीति, और 6G आर्किटेक्चर आदि पर काम की दिशा तय की।
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उसी दौरान, एक संयुक्त घोषणा (Joint Declaration on 6G Principles) हुई — जिसमें यह तय किया गया कि 6G नेटवर्क भरोसेमंद, सुरक्षित, टिकाऊ (sustainable), खुला (open / interoperable), और सभी के लिए सुलभ (inclusive) होगा।
🌐 6G का लक्षित प्रभाव — भारत और beyond
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यदि 6G सफलतापूर्वक विकसित हुआ, तो भारत में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, AI-नेटवर्क, स्मार्ट-सिटी, सेन्सिंग-नेटवर्क्स, स्वास्थ्य-सेवा, एजुकेशन, उद्यम (startup) जैसे कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं।
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सरकार और उद्योग मिलकर यह कोशिश कर रहे हैं कि भारत न सिर्फ 6G का उपयोग करे, बल्कि 6G टेक्नोलॉजी, पेटेंट, मानकों (standards) तैयार करने में दुनिया में अग्रणी बने।
📝 ब्लॉग में शामिल करने लायक प्रमुख बिंदु
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भारत ने 6G को सिर्फ “तेज़ इंटरनेट” तक सीमित नहीं रखा — बल्कि “AI-नेटवर्क”, “सेन्सिंग”, “सेक्योर कम्युनिकेशन”, “स्वदेशी (domestic) निर्माण” और “इनोवेशन इकोसिस्टम” जैसे बड़े आयाम दिए हैं।
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6G पेटेंट्स और अधिकार — India 2030 तक ग्लोबल 6G पेटेंट्स में 10% का लक्ष्य रख चुकी है।
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“मेड इन इंडिया” पहल — 6G नेटवर्क gear और उपकरणों के लिए विदेशी निर्भरता कम करना।
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6G से उम्मीदें सिर्फ शहरी शहरों में नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत और सेवा-क्षेत्रों (health, education, agriculture आदि) तक डिजिटल क्रांति लाने की।
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6G rollout अभी आने वाले समय की बात है — ट्रायल (तक) 2028 के आसपास, असली नेटवर्क और बदलाव 2030 के बाद।

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